सर्वङ्कषाटीकायां व्याकरणालोचने मल्लिनाथस्य कतिपयानवधानता
महाकविमाघप्रणीतम् अत्युकृष्टमेकं महाकाव्यं तावद् शिशुपालवधमिति। महाकाव्यस्यास्य सम्यगार्थबोधे बहवष्टीकाः विरचिताः सन्ति। तासु मल्लिनाथकृता ‘सर्वङ्कषा’ अतीवोत्कृष्टा टीका। अन्वयमुखेन टीकायामस्यां सर्वेषां श्लोकानां हृदयग्राही व्याख्या प्रदत्ता। तथाच प्रसङ्गक्रमेन तत्र व्याकरण-दर्शन-काम-अर्थ-सङ्गीत-को...
Na minha lista:
| Hovedforfatter: | |
|---|---|
| Format: | Artigo |
| Sprog: | Inglês |
| Udgivet: |
SUGYAN KUMAR MAHANTY
2020-12-01
|
| Serier: | Prachi Prajna |
| Fag: | |
| Online adgang: | https://drive.google.com/file/d/16DqEyS0YOd_R-6svVkRvgoeF8nw3c4ZY/view |
| Tags: |
Ingen Tags, Vær først til at tagge denne postø!
|
