क्षीरतरङ्गिणी-माधवीयधातुवृत्तिग्रन्थयोः आलोकेन उभयपदिधातोर्धात्वर्थवैसादृश्यनिरूपणम्
क्रियाभावो धातु’रित्युच्यते। ‘भूवादयो धातवः’ इति केचित्। परं पाणिनिना धातोः किमपि लक्षणं नोक्तम्। वैयाकरणमतानुसारं धातुः त्रिविधः –आत्मनेपदि-परस्मैपदि-उभयपदिभेदात्। पाणिनेर्धातुपाठग्रन्थ-मादाय क्षीरस्वामी ‘क्षीरतरङ्गिणीं’ सायणाचार्यो ‘माधवीयधातुवृत्ति’ञ्चेति धातुपाठसम्बन्धिग्रन्थौ विरचितवन्तौ। उक्तग...
Shranjeno v:
| Glavni avtor: | |
|---|---|
| Format: | Artigo |
| Jezik: | Inglês |
| Izdano: |
SUGYAN KUMAR MAHANTY
2021-12-01
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| Serija: | Prachi Prajna |
| Teme: | |
| Online dostop: | https://drive.google.com/file/d/1yCIVMmPN4SxAt1OeJ6qDqwJQTM7eCdZB/view?ts=61ab09e3 |
| Oznake: |
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