पाणिनीयव्याकरणे वर्णे वर्णैकदेशानामग्रहणविषये एका समीक्षा
संस्कृतशब्दशास्त्रे वर्णानां स्थानं महत्त्वपूर्णम्। संस्कृतभाषायाः प्रयोगं शृङ्खलाबद्धस्वरूपे कर्तुं वर्णसमूहात्मकानां चतुर्दशानां सूत्राणामुपरि भगवता पाणिनिना अष्टाध्यायीग्रन्थो विरचितः। वर्णा महेश्वरात् लब्धा इति तानि माहेश्वराणि सूत्राणि। अपि च वेदवद् वर्णानामुपदेशः अनादित्वात् अक्षरसमाम्नाय इति।...
में बचाया:
| मुख्य लेखक: | |
|---|---|
| स्वरूप: | Artigo |
| भाषा: | Inglês |
| प्रकाशित: |
SUGYAN KUMAR MAHANTY
2021-12-01
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| श्रृंखला: | Prachi Prajna |
| विषय: | |
| ऑनलाइन पहुंच: | https://drive.google.com/file/d/1I-bEyUYaFGGA61Gcupx-4hCdthOwS-Ub/view?ts=61ab0a40 |
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